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हमारे बापू (अनुच्छेद )

 हमारे बापू (अनुच्छेद )

महात्मा गांधी को हम सब 'बापू' के नाम से पुकारते हैं। वह हमारे राष्ट्रपिता हैं। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था । इनका जन्म 2 अक्तूबर, 1869 को गुजरात के पोरबंदर नामक स्थान पर हुआ। इनके पिता श्री करमचंद राजकोट के दीवान थे। इनकी माता पुतलीबाई धार्मिक विचारों की महिला थीं। (तेरह वर्ष की आयु में इनका विवाह कस्तूरबा से हुआ। इन्होंने इंगलैंड से वकालत की शिक्षा पाई। एक मुकदमे के कारण बापू दक्षिण अफ्रीका गए। वहाँ काले लोगों के साथ हो रहे भेदभाव को सहन न कर पाए और उसके विरुद्ध आंदोलन छेड़ दिया। 1915 में वे भारत लौट आए। देश की आज़ादी के लिए उन्होंने आंदोलन किए। बापू ने सत्य और अहिंसा का रास्ता चुना। उनका 'भारत छोड़ो' आंदोलन सफल रहा और देश आज़ाद हुआ। 30 जनवरी, 1948 को नाथूराम गोड्से ने बापू की हत्या कर दी। उनके सत्य और अहिंसा के मार्ग का  सम्मान सारा संसार आज भी करता है। 


पाठ-3 अनोखा ढंग Q/A

   पाठ-3 अनोखा ढंग Q/A 

शब्दार्थ-
१. प्रसार – फैलाना
२. जुलाहा – कपड़ा बुनने वाला
३. खीझ – झुंझलाहट
४. अनमोल – अमूल्य
५. कसौटी – परीक्षा,परख
६. खुद – स्वयं
७. सफर – यात्रा
८. अनोखा – सबसे अलग
९. स्वयंसेवक – बिना स्वार्थ के काम करने वाला
१०.खुशी का ठिकाना न रहा – बहुत खुश होना 

कहानी में से
1.गाँधी जी  पैदल यात्रा क्यों  कर रहे थे?
गाँधी जी शांति का प्रसार करने के लिए पैदल यात्रा कर रहे थे।

2.गाँधी जी खुरदरे पत्थर का  उपयोग क्यों   करते थे?
गाँधी जी खुरदरे पत्थर का  उपयोग स्नान करते समय पेैर साफ़ करने के लिए करते थे।

3.गाँधी जी ने मनु  को पत्थर खोजने के  लिए कहाँ भेजा?
गाँधी जी ने मनु  को पत्थर खोजने के  लिए जुलाहे के घर भेजा।

4.मनु ने जुलाहे के घर पहुँचने का  क्या तरीका अपनाया?

जुलाहे के घर पहुँचने के लिए मनु ने पैरों के निशान को देखने-खोजने का तरीका  अपनाया।

उलटा-पुलटा presentation

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