विज्ञापन लेखन के उदाहरण
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डीएवी बोर्ड के कक्षा 4 भाषा माधुरी पाठ्य पुस्तक के सारे प्रश्नोत्तर आप को आसानी से यहाँ मिल जाएँगे।
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I. बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1.
‘होली के रंग हज़ार’ शीर्षक पाठ में शिवानी के पास किसने चिट्ठी लिखी?
(क) नानी
(ख) मौसी
(ग) मम्मी
(घ) बुआ।
उत्तर :
(ख) मौसी
प्रश्न 2.
शिवानी की मौसी ने उत्तर भारत के किन त्योहारों के बारे में चर्चा की है?
(क) होली
(ख) दिवाली
(ग) दशहरा
(घ) ईद।
उत्तर :
(क) होली
प्रश्न 3.
होली किस मौसम में मनाया जाता है?
(क) बसंत
(ख) जाड़ा
(ग) गर्मी
(घ) बरसात।
उत्तर :
(क) बसंत
प्रश्न 4.
दक्षिण भारत में मुख्यतः कितने मौसम होते हैं?
(क) दो
(ख) चार
(ग) छह
(घ) पाँच।
उत्तर :
(क) दो
प्रश्न 5.
होलिका, हिरण्यकश्यप की कौन थी?
(क) दासी
(ख) माँ
(ग) बहन
(घ) दादी।
उत्तर :
(ग) बहन
प्रश्न 6.
होलिका के पास एक थी।
(क) शाल
(ख) चादर
(ग) साड़ी
(घ) कमीज।
उत्तर :
(क) शाल
प्रश्न 7.
किस प्रदेश के आविवासी ‘दुरारी’ नाम का त्योहार मानते हैं?
(क) कर्नाटक
(ख) आंध्र प्रदेश
(ग) महाराष्ट्र
(घ) उत्तर प्रदेश
उत्तर :
(ख) आंध्र प्रदेश
प्रश्न 8.
कहाँ की लट्ठमार होली प्रसिद्ध है ?
(क) नंद्गाँव
(ख) बरसाने
(ग) नंद्गाँव और बरसाने
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर :
(ग) नंद्गाँव और बरसाने
प्रश्न 9.
नंदगाँव के पुरुष रंग खेलने के लिए कहाँ पहुँचते हैं?
(क) बरसाने
(ख) मथुरा
(ग) लंका
(घ) कहीं नहीं।
उत्तर :
(क) बरसाने
प्रश्न 10.
चौदस की शाम को गाँव में किसके घर में दो बाँसों को सजाया जाता है?
(क) मुखिया
(ख) अपने-अपने घर
(ग) गाँव के बाहर
(घ) उपर्युक्त तीनों।
उत्तर :
(क) मुखिया
II. अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
शिवानी कहाँ रहती है? वह क्या चाहती है?
उत्तर :
शिवानी दक्षिण भारत में रहती है। वह उत्तर भारत के त्योहारों के बारे में जानकारी चाहती है।
प्रश्न 2.
होली कैसा त्योहार है?
उत्तर :
होली रंगों का त्योहार है।
प्रश्न 3.
हिरण्यकश्यप क्या चाहता था?
उत्तर :
हिरण्यकश्यप चाहता था कि सारी प्रजा उसको ही भगवान माने और उसकी पूजा करे।
प्रश्न 4.
होलिका के पास जो शाल थी उसकी क्या विशेषता थी?
उत्तर :
होलिका के पास जो शाल थी उसकी यह विशेषता थी कि यदि उसे ओढ़कर आग में भी बैठा जाय तो आग उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकेगी।
प्रश्न 5.
बंगाल में होली कैसे जलायी जाती है?
उत्तर :
बंगाल में होली जलाते समय उसमें होलिका की मूर्ति बनाकर रखी जाती है।
प्रश्न 6.
आंध्र प्रदेश के गौंड आदिवासी फागुन की पूर्णिमा को कौन-सा त्योहार मनाते हैं?
उत्तर :
आंध्र प्रदेश के गौंड आद्विवासी फाल्गुन की पूर्णिमा को ‘दुरारी’ नाम का त्योहार मनाते हैं।
प्रश्न 7.
लट्ठमार होली कहाँ प्रसिद्ध है ?
उत्तर :
ब्रज के नंदगाँव तथा बरसाने की लट्ठमार होली प्रसिद्ध है।
प्रश्न 8.
होली कैसा पर्व है?
उत्तर :
होली का त्योहार बुराई पर अच्छाई का पर्व है।
प्रश्न 9.
होली हमें कैसे मनानी चाहिए?
उत्तर :
होली हमें प्रेमपूर्वक मनानी चाहिए।
III. लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
हिरण्यकश्यप प्रहूलाद से क्यों परेशान और नाराज रहता था?
उत्तर :
हिरण्यकश्यप चाहता था कि सभी लोग उसे ही भगवान मानें और उसकी पूजा करें। उसकी प्रजा उसके डर से उसे भगवान मान कर उसकी पूजा करती भी थी। लेकिन उसी के पुत्र प्रहलाद ने उसे भगवान मानने से इनकार कर दिया। इसलिए हिरण्यकश्यप प्रह्लाद से परेशान और नाराज रहता था।
प्रश्न 2.
हिरण्यकश्यप ने होलिका को क्या आदेश दिया?
उत्तर :
होलिका, हिरण्यकश्यप की बहन थी। उसके पास एक शाल थी। उसे यह वरदान प्राप्त था कि यदि वह शाल ओढ़कर आग में बैठे तो आग उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकेगी। इसलिए उसने होलिका को आदेश दिया कि शाल ओढ़कर प्रह्लाद को गोद में लेकर धधकती चिता पर बैठ जाए।
प्रश्न 3.
होली पर एक निबंध तैयार कीजिए।
उत्तर :
होली हिन्दुओं का एक मुख्य त्योहार है। यह आपस में भाई-चारे का संदेश लेकर आती है। इसमें बड़े-बूढ़े जवान सभी समान रूप से भाग लेते हैं। यह रंगों का त्योहार है। यह त्योहार अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है। सभी लोग नए कपड़े धारण करते हैं। एक-दूसरे पर रंग डालते हैं और गुलाल लगाते हैं। लोग तरह-तरह के पकवान बनाते हैं। एक-दूसरे को खिलाते और खाते भी हैं। यह खुशी का एक पर्व है। होली के एक दिन पहले होलिका दहन भी किया जाता है।
अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न
I. जिसे हम होली के रूप में मनाते हैं वह मुख्य रूप से उत्तर भारत का पर्व है। दक्षिण में यह पर्व या तो मनाया ही नहीं जाता या फिर इसका स्वरूप अलग तरह का होता है। तुम पूछ सकती हो कि दक्षिण भारत में होली क्यों नहीं होती इसका सीधा-सा जवाब है। दक्षिण भारत में बसंत का मौसम नहीं होता है।
(क) होली भारत के किस भाग का पर्व है?
उत्तर :
होली भारत के उत्तर भाग का पर्व है।
(ख) होली कब मनाया जाता है?
उत्तर :
होली बसंत में मनाया जाता है।
(ग) दक्षिण भारत में इस त्योहार का स्वरूप कैसा होता है?
उत्तर :
दक्षिण भारत में यह त्योहार या तो मनाया नहीं जाता या उसका स्वरूप अलग तरह का होता है।
(घ) शिवानी अपनी मौसी से क्या जानना चाहती है?
उत्तर :
शिवानी अपनी मौसी से यह जानना चाहती है कि दक्षिण भारत में होली क्यों नहीं मनायी जाती है।
(ङ) बसंत का मौसम कहाँ नहीं होता?
उत्तर :
दक्षिणी भारत में बसंत का मौसम नहीं होता।
II. हिरण्यकश्यप चाहता था कि सब लोग उसे ही भगवान मानें और उसकी पूजा करें। उसकी अपनी प्रजा तो शायद उससे डरकर उसे भगवान मानती भी थी, लेकिन उसका अपना बेटा प्रह्लाद ही उसे भगवान नहीं मानता था। हिरण्यकश्यप, प्रह्लाद से बहुत परेशान था और नाराज़ भी। जब वह सभी तरीकों से हार गया और प्रह्लाद से अपने को भगवान कहलाने में असफल रहा तो उसने तय किया कि वह प्रह्लाद को मार देगा। हिरण्यकश्यप की एक बहन थी- होलिका। होलिका के पास एक शाल थी, और उसे यह वरदान था कि वह शाल ओढ़कर आग में बैठे तो आग उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकेगी।
(क) होली जलाने के पीछे कौन-सी कहानी प्रसिद्ध है?
उत्तर :
होली जलाने के पीछे प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कहानी प्रसिद्ध है।
(ख) हिरण्यकश्यप क्या चाहता था?
उत्तर :
हिरण्यकश्यप चाहता था कि सारी प्रजा के साथ-साथ उसका पुत्र प्रह्लाद भी उसे भगवान माने।
(ग) हिरण्यकश्यप की बहन कौन थी?
उत्तर :
हिरण्यकश्यप की बहन होलिका थी।
(घ) होलिका को कौन-सा वरदान प्राप्त था?
उत्तर :
होलिका को यह वरदान प्राप्त था कि शाल ओढ़ने पर आग उसको कोई क्षति नहीं पहुँचा सकती।
(ङ) प्रहूलाद कौन था?
उत्तर :
पह्लाद हरि का भक्त और हिरण्यकश्यप का पुत्र था।
III. चौदस की शाम को गाँव के मुखिया के घर में दो बाँसों को सजाया जाता है। इन बाँसों के सिरों पर खाने की कई चीज़ें (जैसे-वड़ा, रोटी, मिठाई आदि) बाँधी जाती हैं। फिर इन्हें एक जुलूस के साथ गाँव के बाहर ले जाकर ज़मीन में गाड़ा जाता है। उसके चारों ओर लकड़ियाँ जमाई जाती हैं और फिर आग लगा दी जाती है। जैसे ही जलकर बाँस नीचे गिरने लगता है, उसमें बँधी रोटी, मिठाई आदि को प्रसाद के रूप में खाया जाता है।
(क) ‘चौदस’ की शाम को मुखिया के घर में क्या सजाया जाता है?
उत्तर :
‘चौदस’ की शाम को मुखिया के घर में दो बाँसों को सजाया जाता है।
(ख) बाँसों के सिरों पर क्या बाँधा जाता है?
उत्तर :
बाँसों के सिरों पर वड़ा, रोटी और मिठाई इत्यादि बाँधी जाती है।
(ग) उस बाँस को गाँव के बाहर ले जाकर क्या किया जाता है?
उत्तर :
उस बाँस को गाँव के बाहर ले जाकर जमीन में गाड़ दिया जाता है।
(घ) लकड़ियाँ कहाँ जमाई जाती हैं?
उत्तर :
उन बाँसों के चारों ओर लकड़ियाँ जमाई जाती हैं।
(ङ) प्रसाद के रूप में क्या खाया जाता है?
उत्तर :
प्रसाद के रूप में बाँस में बँधधी रोटी और मिठाई खायी जाती है।
IV. होली की बात हो और ब्रज की होली का ज़िक्र न हो तो बात अधूरी लगेगी। ब्रज की होली एक-दो दिन नहीं, बल्कि कई दिनों तक मनाई जाती है। ब्रज की नंदगाँव और बरसाने की लट्ठमार होली बहुत प्रसिद्ध है। नंदगाँव के पुरुष रंग खेलने के लिए बरसाने पहुँचते हैं जहाँ महिलाएँ लाठियों से उनका स्वागत करती हैं। पुरुष रंग डालने की कोशिश करते हैं और मार खाते हैं।
(क) ब्रज की होली कितने दिनों तक मनायी जाती है?
उत्तर :
ब्रज की होली कई दिनों तक मनायी जाती है।
(ख) कहाँ की होली प्रसिद्ध है?
उत्तर :
नंदगाँव और ब्रज की होली प्रसिद्ध है।
(ग) नंदगाँव के पुरुष रंग खेलने के लिए कहाँ पहुँचते हैं?
उत्तर :
नंदगाँव के पुरुष रंग खेलने के लिए बरसाने पहुँचते हैं।
(घ) महिलाएँ पुरुषों का स्वागत कैसे करती हैं?
उत्तर :
महिलाएँ पुरुषों का स्वागत लाठियों से करती हैं।
शब्दार्थः
आशा – उम्मीद
शैतानी – बदमाशी
उत्सुकता – चाहत
विभिन्न – तरह-तरह के
प्रचलित – जिसका चलन हो
चिता – शव
चौदस – किसी पक्ष की चौदहवीं तिथि
जुलूस – जलसा।
पाठ – परिचय :
‘होली के रंग हज़ार’ शीर्षक पाठ में शिवानी अपनी मौसी से उत्तर भारत के त्योहारों के बारे में जानना चाहती है। उसकी मौसी पत्र के माध्यम से होली के बारे में कुछ पौराणिक कथाओं के साथ बताती है कि यह त्योहार रंगों के साथ – साथ मस्ती और उल्लास का त्योहार है। साथ ही यह बुराई पर अच्छाई का पर्व भी है।
पाठ का सारांश :
शिवानी दक्षिण भारत में रहती है और उसकी मौसी उत्तर भारत में। शिवानी की उत्तर भारत के त्योहारों के बारे में जानकारी की उत्सुकता को देखकर उसकी मौसी एक खास त्योहार होली के बारे में बताती है। होली रंगों का त्योहार है जिसमें लोग एक दूसरे को जी भरकर रंग लगाते हैं। हर राज्य में इस त्योहार को मनाने का तरीका अलग – अलग होता है। उत्तर भारत में यह त्योहार बंसत में मनाया जाता है। दक्षिण भारत में दो ही मौसम होते हैं – गरमी और बरसात। किंतु उत्तर भारत में छह ऋतुएँ होती है। होली जलाने के पीछे एक पौराणिक कथा प्रचलित है। हिरण्यकश्यप नाम का राजा अपने को भगवान मानता था। उसकी प्रजा उसके डर से उसे भगवान मानती थी। लेकिन उसका अपना बेटा भक्त प्रह्लाद उसे भगवान नहीं मानता था।
उससे परेशान होकर हिरण्यकश्यप ने उसे कई बार जान से मारने की कोशिश की किंतु हर बार वह हरि कृपा से बच जाता था। हिरण्यकश्यप की बहन होलिका के पास एक शाल थी जिस शाल के ओढ़ने पर आग उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती थी। होलिका वही शाल ओढ़कर प्रह्लाद को गोद में लेकर धधकती आग में बैठ गई। होलिका तो जल गई किंतु प्रह्लाद को कुछ नहीं हुआ। इस कहानी से मिलती – जुलती और भी कई कहानियाँ प्रचलित हैं।
बंगाल में होली जलाते समय होलिका की मूर्ति रखी जाती है। आंध्र प्रदेश के गौंड आदिवासी फाल्गुन की पूर्णिमा को ‘दुरारी’ नाम का त्योहार मनाते हैं। इस त्योहार में लोग न तो रंग खेलते है; न मौज मस्ती करते हैं। ब्रज की नंदगाँव और बरसाने की होली लट्ठमार काफी प्रसिद्ध है। इसमें पुरुष औरतों पर रंग डालने की कोशिश करते हैं और औरतें पुरुषों पर लाठियाँ चलाती हैं। होली का त्योहार बुराई पर अच्छाई का प्रतीक है। हमें इसे सही तरीके से मनाना चाहिए।
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