ऐसे भी बच्चे शब्दार्थ

ऐसे भी बच्चे शब्दार्थ 

उत्साह – जोश

प्रसन्नता - खुशी

ऊनी वस्त्र – गरम कपड़े

कुम्हलाए – मुरझाए

टकटकी – एकाएक, लगातार

बोरी – बस्ता

तन – शरीर

इकट्ठा – एकत्र करना, समेटना

धंधा – व्यापार

बिलखना – रोना

लाचारी – मजबूरी, बेबसी

ज़िम्मेदारी - दायित्व

चौपट – नष्ट, सत्यानाश, बर्बाद

मेहरबान – दयालु, दयावान

योग्य – काबिल, लायक

खीझ – गुस्सा

बिना सिर-पैर – जिसका कोई अर्थ न हो

अंतर – फ़र्क, भिन्नता

लूट – ठगना

अभाव – कमी

रद्दी – जिस काग़ज़ का प्रयोग न हो

गप्पे मरना – बातें करना

खटिया पकड़ लेना – बीमार हो जाना

कमाई – आय

किटकिटाना – ठंड से दाँतों का

                     किटकिटाना

ढाबा – सड़क के किनारे वाला

           होटल

झिड़कना – दुत्कार

अभाव – कमी

भंडार – अधिकता, बाहुल्य

धोखा – दग़ाबाज़ी

मनचाहा – मन मुताबिक


एक थी स्वाति Q/A

   एक थी स्वाति Q/A

पाठ में से
1.स्वाति का शहर के स्कूल में दाखिला क्यों करवाया गया था?
स्वाति के  गाँव में आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई होती थी इसलिए  आगे की पढ़ाई के लिए शहर के स्कूल में उसका दाखिला करवाया गया।
2.स्वाति को गैस के छिड़काव में बचाव का क्या रास्ता दिखाई दिया?
स्वाति अकेले चोरों का मुकाबला नहीं कर सकती थी । इसलिए उसे गैस के छिड़काव में बचाव का रास्ता दिखाई दिया जिससे चोर बेहोश हो जाएँगे मगर मरेंगे नहीं।
3.विषैली गैस का चोरों पर क्या असर हुआ?
विषैली गैस के प्रभाव से चोर बुरी तरह खाँसने लगे। दो चोर खाँसते-खाँसते आँगन में गिर पड़े और दो चोर लड़खड़ाते हुए भाग गए।
4.स्वाति को पुरस्कार क्यों दिया गया?

स्वाति ने अपनी सूझ-बूझ से घर को चोरों से बचाया और उन्हें पकड़वा दिया। उसकी निडरता ,साहस और समझदारी के लिए उसे पुरस्कार दिया गया।

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