पाठ 13 चतुर चित्रकार-भाषा अभ्यास
1. दिए गए शब्दों के समान लय वाले शब्द लिखिए-
(क) चोर- ओर
(ख) रोक= डरपाक
(ग) शेर- देर
(घ) होश=जोश
2. पाठ 'चतुर चित्रकार' में से कोई छह संज्ञा शब्द छाँटकर उन्हें वर्णमाला के क्रम अनुसार
लिखिए-
(क)बाँस (ख) कलम (ग) चित्र
(घ) जंगल (ङ) झील (च) नाव
3. दिए गए वाक्यों में मोटे काले शब्द के उलटे अर्थ वाले शब्द से वाक्य पूरे कीजिए-
(क) इधर- उधर क्या देख रहे हो?
(ख) तुम्हें मित्र माना है शत्रु नहीं।
(ग) सुमन कायर नहीं है, बहुत वीर है।
(घ) सभी बच्चे भूरी बिल्ली के आगे पीछे घूम रहे थे।
4. 'चतुर चित्रकार' शब्दों में 'चतुर' शब्द चित्रकार के बारे में कोई विशेष बात या विशेषता बता रहा है। ऐसे शब्द/शब्दों को 'विशेषण' कहते हैं।
अब आप इन शब्दों के लिए विशेषता या विशेष बात बताने वाले शब्द चुनकर लिखिए-
ऊँचा,पीले,समझदार, खूँखार, हरा
(क)ऊँचा- पहाड़
(ख)पील- पत्ते
(ग) सूख- पेड़
(घ)खूँखार - शेर
(ड) समझदार - चित्रकार
5. दिए गए वाक्यों को ध्यान से पढ़िए-
• एक रखा था बाँस ।
कूड़े से बहुत बास आ रही थी।
'बाँस' 'बास' शब्दों को बोलकर देखिए। बताइए, इनमें क्या फर्क है? 'बाँस' एक पेड़ का नाम है। जबकि 'बास' का मतलब है-बदबू, दुर्गंध । तो देखा, एक चंद्रबिंदु के लगने या न लगने से मतलब बदल जाता है। अब आप इन शब्दों से वाक्य बनाइए-
कहाँ - तुम कहाँ जा रहे हो।
कहा - उसने कहा की वह घर जाएगा।
काँटा - मेरे पैर में काटा चुभ गर गया।
काटा - उसने चाकू से फल काटा।
6. ध्यानपूर्वक पढ़िए-
उसे देखकर चित्रकार के तुरंत उड़ गए होश ।
'होश उड़ना' एक मुहावरा है। जिसका मतलब है- 'घबरा जाना या डर जाना। घबरा जाने या डर जाने के लिए कई और मुहावरों का भी इस्तेमाल किया जाता
शेर को देखकर -
उसके पसीने छूटने लगे।
उसके पैरों तले ज़मीन खिसक गई।
उसके हाथ-पाँव फूल गए।
क) नौ दो ग्यारह होना - डर कर भाग जाना
चोर पुलिस को देखकर नौ दो ग्यारह गया।
ख) हाथों के तोते उड़ना - बहुत घबरा जाना
अचानक घर में साँप को देखकर मेरे हाथों के तोते उड़ गए।
ग) अँगूठा दिखाना - साफ़ मना कर देना
उधार के रुपए माँगने पर रामू ने मुझे अँगूठा दिखा दिया
7.दिए गए अनेक शब्दों के लिए एक शब्द चुनकर लिखिए-
(क) जो चित्र बनाए- चित्रकार
(ख) जो कविता लिखे-कवि
(ग) जो वन में रहे-वनवासी
(घ) जो काम से जी चुराए -कामचोर
8. दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले शब्द चुनकर लिखिए-
(क) कायर -डरपोक
(ख) पहाड़ - पर्वत
(ग) चित्र -तस्वीर
(घ) आँख- नेत्र
9. कविता 'चतुर चित्रकार' को कहानी के रूप में लिखिए-
एक चित्रकार था। वह घने जंगल में गया। वह वहाँ चित्र
बना रहा था। इतने में वहाँ एक शेर आ गया।
शेर को देखकर चित्रकार चुपचाप खड़ा था। यह
देखकर चित्रकार की हिम्मत बँधी । उसने शेर से कहा,” आप बैठ जाइए। मैं आपका एक सुंदर चित्र बना दूँ।”शेर बैठ गया।फिर चित्रकार ने कहा,”अब आप दूसरी तरफ़ मुँह करके बैठ जाइए।“ शेर बहुत देर तक पीठ फिराकर बैठा रहा।चित्रकार वहाँ से चुपचाप खिसक गया। झील किनारे एक नाव और एक बाँस था। चित्रकार ने जल्दी-जल्दी नाव चलाई और शेर से जान बचाई।