मोहल्ले की सफ़ाई के लिए स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र

मोहल्ले की सफ़ाई के लिए स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र


सेवा में,
स्वास्थ्य अधिकारी महोदय,
भुवनेश्वर महानगर निगम,
भुवनेश्वर-21


विषय-मोहल्ले की सफ़ाई लिए पत्र


महोदय,
मैं आपका ध्यान हरेकृष्ण पुर बस्ती में चारों ओर फैली गंदगी की ओर दिलाना चाहता हूँ। यहाँ की गलियों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। गलियों में बड़े-बड़े गड्ढे हैं जिनमें बरसात का पानी भरा हुआ रहता
है। जिसके कारण मच्छर पैदा होते हैं। कूड़े तथा गंदे पानी के कारण लोगों का जीना कठिन हो गया है।
अतः आप से अनुरोध है कि आप यहाँ की सफ़ाई करवाने का उचित प्रबंध करें।


भवदीय,
सुरेश कुमार
हरेकृष्णपुरबस्ती,
निलाद्री विहार,
भुवनेश्वर।

दिनांक-1 नवंबर 2019

मौसम कविता Q/A



कविता में से 
1.किसके रूप निराले हैं?
प्रकृति के रूप निराले  हैं।
2.बाादल किससे बनते हैं?
बादल भाप से बनते हैं।
3.बसंत कब आता है?
जाड़े के बाद और गर्मी से पहले बसंत आता है।
4.सूरज से हम क्या सीखते हैं?
सूरज से हम औरों के लिए जीना और स्वयं कष्ट सहकर दूसरों को नया जीवन देना सीखते हैं।






कविता  MCQ TEST      http://bit.ly/33N7uvM
मौसम 
प्रकृति के हैं रूप निराले, 
आओ देखो मौसम मतवाले। 

जब सूरज तेज़ चमकता है, 
पृथ्वी का हृदय दहलता है। 

गरम हवा से सागर का जल,
 भाप बन-बन उड़ जाता है। 

तब इसी भाप से बनते बादल,
 जो छम-छम बरसा करते हैं। 

वर्षा धरती की प्यास बुझाती,
 जिससे चारों ओर हरियाली छाती। 

हम फल-फूल और अनाज पाते,
 जिससे जन अपनी भूख मिटाते। 

पृथ्वी जब ठिठुरती जाड़े से, 
सूरज की किरणें उसे बचातीं।

घर-आँगन में बिखर-बिखर, 
खेतों में वे फसल पकातीं। 

किरणों से जब जाड़ा उड़ता, 
सब ओर बसंत का मेला जुड़ता। 

चारों दिशाओं में खुशियाँ छाती, 
जीवन में मधुरता भर जाती। 

सूरज भैया से हम सीखें, 
औरों के लिए नित जीना। 

स्वयं कष्ट सह सहकर, 
औरों को नव-जीवन देना। 


भाषा अभ्यास
Q2.


Q.3






एक बौना और एक लकड़हारा Q/A

कहानी में से 
1. लकड़हारा लकड़ियां काटकर क्या करता  धा? 
उत्तर-- लकड़हारा  लकड़ियाँ काटकर उसे शहर में  बेचता था। 

2 ठंड के कारण लकड़हारे की अंगलियाँ  कैसी हो जाती थीं?
 ठंड के कारण लकड़हारे की अंगुलिया सुन्न हो जाती थी। 

3. लकड़हारा फूँक मारकर क्या तेज़ कर रहा था? 
उत्तर- लकड़हारा फूँक मारकर आग को तेज़ कर रहा था। 

4. लकड़हारे ने बौने को आलू को फूँकने का क्या कारण बताया? 
उत्तर- लकड़हारे ने बौने को आलू को फूँकने का कारण बताया कि आलू बहुत गरम था, इसे फूँक मारकर ठंडा 
कर रहा था।
 5. उचित उत्तर पर सही (/) का चिह्न 
लगाइए
 (क) लकड़हारे को कैसी लकड़ी आसानी से नहीं मिलती थी? 
-सूखी 
(ख) लकडहारे ने कितने पत्थर उठाकर चूल्हा बनाया? 
 दो 
ग) लकड़हारे ने हांडी में क्या उबलने के लिए रख दिया? 

आलू 
6.किसने किससे कहा
(क) बौना ने लकड़हारे से 
(ख) लकड़हारे ने बौने से
 (ग) लकड़हारे ने बौने से
 (घ) बौने ने लकड़हारे से 
बातचीत के लिए 
1. लकड़हारा किसे कहते हैं? 
उत्तर- जो लकड़ी काटकर बेचता है, और उसी से 
अपनी जीविका चलाता है उसे लकड़हारा कहते हैं।
 2. आग बार-बार ठंडी क्यों हो जाती थी?
 उत्तर- लकड़ी गीली होने के कारण आग बार-बार 
ठंडी हो जाती थी। 
3. बहुत अधिक ठंड पड़ने पर आप क्या करते हैं?
उत्तर- बहुत अधिक ठंड पड़ने पर हम गर्म कपड़े 
पहनते हैं और आग के पास बैठते हैं।
 4. खाना पकाने की तैयारी में क्या-क्या करना 
होता है? खीर बनाने की तैयारी में आप 
क्या-क्या करेंगे?
 उत्तर- खाना पकाने की तैयारी में सामान, पानी, बर्तन 

और चूल्हे तैयार करने पड़ते हैं। खीर बनाने की तैयारी में चूल्हे के साथ-साथ चावल, दूध और चीनी की व्यवस्था करेंगे। 

एक बौना और एक लकड़हारा MCQ
http://bit.ly/2nbDnOQ

ANNUAL IV VBQ /Ans जीवन मूल्य

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