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उलटा-पुलटा माधुरी Q/A कविता में से
कवि ने इस कविता को ‘उलटा-पुलटा’ नाम क्यों दिया होगा? आप भी कोई शीर्षक बताइए।
उत्तर :
इस कविता में जितने कीड़े-मकोड़ों या जानवरों की चर्चा की गई है, वे सभी गिरने पर तुरंत उलट-पुलट कर सीधे हो जाते हैं। शायद इसीलिए कवि ने इस कविता का नाम ‘उलटा-पुलटा’ रखा होगा।
मेरे विचार से इस कविता का शीर्षक अनमोल सीख,हिम्मत और साहस,हार मत मानो,सफलता का मंत्र,सँभलना ही जीवन है ,कोशिश करने वालों की जीत हो सकता है।
1. नीचे दिए गए शब्दों में सही जगह पर
लगाइए-
चीटी आख बदर हसता
उत्तर :
चींटी आँख बंदर हँसता
2. समान तुक वाले शब्द लिखिए-
उत्तर :
3. कविता में जो-जो भी जीव-जंतु आए हैं उनमें से किसी एक पर कविता बनाइए
उत्तर :
बंदर
बंदर नहीं बनाते घर
घूमा करते इधर-उधर।
आकर करते खों-खों
रोटी हमें न देते क्यों।
छीन-झपट ले जाएँगे
बैठ पेड़ पर खाएँगे।
4. छिपकली छत से गिर जाती है। गिरने पर छिपकली ने क्या कहा होगा? उसकी माँ ने उसे क्या समझाया होगा? छिपकली और उसकी माँ के बीच का संवाद लिखिए-
उत्तर :
माँ-छिपकली सँभलकर चलो।
छिपकली-माँ, मैं बार-बार गिर जाती हूँ।
माँ-छिपकली, गिरने से घबराना नहीं चाहिए।
छिपकली-माँ, ऐसा क्यों?
माँ-छिपकली, अगर गिरने से हम घबरा जाएँगे, तो हमें सफलता नहीं मिलेगी। गिरकर तुरंत सँभल जाओ और आगे की ओर बढ़ो। छिपकली-ठीक है, माँ। माँ-धन्यवाद, छिपकली।
जीवन मूल्य
1. मान लीजिए कि आप पिकनिक पर जा रहे हैं और आप देखते हैं कि नेत्रहीन व्यक्ति को सड़क पार करने में मुश्किल आ रही है। ऐसी परिस्थिति में आप क्या करेंगे?
उत्तर :
यदि नेत्रहीन व्यक्ति को सड़क पार करने में मुश्किल आ रही है तो ऐसी परिस्थिति में मैं सड़क पार कराने में उसकी मद् करूँगा।
2. जीवन में आई कठिनाइयों से न घबराकर बंदर, गिरगिट, चींटे, छिपकली आदि सब आगे बढ़ते हैं, क्योंकि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
क्या आप इस बात से सहमत हैं? क्यों/क्यों नहीं? बताइए।
उत्तर :
हम इस बात से सहमत हैं, क्योंकि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। जिस प्रकार गिरगिट, चींटे, छिपकली और मकड़े की कोशिश उन्हें सफलता दिलाती है, उसी प्रकार लोगों की कोशिश भी उन्हें सफलता दिलाती है। जिससे उनकी कभी हार नहीं होती।
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