Ch 14 – एक थी स्वाति
I. बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1.
स्वाति के गाँव के स्कूल में किस कक्षा तक की पढ़ाई होती थी?
(क) आठवीं
(ख) नवीं
(ग) पाँचवीं
(घ) दशमी।ज़्या
प्रश्न 4.
स्वाति कुछ ही दिनों में किस चीज की खिलाड़ी बन गई थी?
(क) क्रिकेट
(ख) टेनिस
(ग) शतरंज
(घ) जूडो-कराटे।
उत्तर :
(घ) जूडो-कराटे।
प्रश्न 5.
छात्राएँ छात्रावास में किस मंत्र का पाठ करती थीं?
(क) गायत्री मंत्र
(ख) दुर्गा मंत्र
(ग) बृहस्पति मंत्र
(घ) शिव मंत्र।
उत्तर :
(क) गायत्री मंत्र
प्रश्न 6.
स्वाति किस अवकाश में घर गई थी?
(क) दशहरा
(ख) दीपावली
(ग) होली
(घ) ईद।
उत्तर :
(क) दशहरा
प्रश्न 7.
स्वाति के माता-पिता और भाई-बहन कहाँ गए थे?
(क) घूमने
(ख) मंदिर
(ग) चिड़ियाघर
(घ) विवाह में।
उत्तर :
(घ) विवाह में।
प्रश्न 8.
गैस के प्रभाव से चोरों का क्या हुआ?
(क) मर गए
(ख) बेहोश हो गए
(ग) भाग गए
(घ) चोरी कर लिए।
उत्तर :
(ख) बेहोश हो गए
प्रश्न 9.
किसने ‘बचाओ-बचाओ’ पुकारना शुरू किया?
(क) दादी
(ख) स्वाति
(ग) दादा
(घ) पड़ोसी।
उत्तर :
(ख) स्वाति
प्रश्न 10.चोर को किसने पकड़ लिया?
(क) पुलिस
(ख) स्वाति
(ग) दादाजी
(घ) पड़ोसी।
उत्तर :
(घ) पड़ोसी।
प्रश्न 11.किसने कहा “यह पुरस्कार निडर और साहसी बनने की शिक्षा का फल है “?
(क) शिक्षक ने
(ख) मम्मी-पापा ने
(ग) स्वाति ने
(घ) मित्रों ने।
उत्तर :
(ग) स्वाति ने
II. अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.स्वाति के पिता ने उसका शहर के स्कूल में दाखिला क्यों करवाया?
उत्तर :
स्वाति की पढ़ाई में गहरी रूचि थी। उसकी रूचि के कारण ही उसके पिता ने शहर के स्कूल में उसका दाखिला करवाया।
प्रश्न 2.छात्राएँ कहाँ अनुशासन में रहती थीं?
उत्तर :
छात्राएँ छात्रावास में अनुशासन में रहती थीं।
प्रश्न 3.स्वाति को जूडो-कराटे सीखना कैसा लगता था?
उत्तर :
स्वाति को जूडो-कराटे सीखना अच्छा लगता था।
प्रश्न 4.छात्रावास में लड़कियों को और क्या शिक्षा दी जाती थी?
उत्तर :
छात्रावास में लड़कियों को निडर और साहसी बनने की शिक्षा दी जाती थी।
प्रश्न 5.अवकाश के बाद जब स्वाति स्कूल गई तो उसे क्या दिया गया?
उत्तर :
अवकाश के बाद जब स्वाति स्कूल गई तो उसे पुरस्कार दिया गया।
प्रश्न 6.पुरस्कार पाकर स्वाति ने क्या कहा?
उत्तर :पुरस्कार पाकर स्वाति ने कहा कि यह पुरस्कार निडर और साहसी बनने की शिक्षा का फल है।
III. लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.स्वाति के पिता ने स्वाति को खेतों में छिड़काव करने वाली विषैली गैस के बारे में क्या बताया था?
उत्तर :
स्वाति के पिता ने स्वाति को खेतों में छिड़काव करने वाली विषैली गैस के बारे में बताया था कि वायुमंडल में इसकी मात्रा बढ़ने से, उसमें साँस लेने वाला व्यक्ति मरेगा नहीं तो बेहोश अवश्य हो जाएगा।
प्रश्न 2.स्वाति ने विघैली गैस का छिड़काव कैसे किया?
उत्तर :
स्वाति ने अपने मुँह पर छिड़काव के समय लगाया जाने वाला सुरक्षा मुखौटा लगाकर पीठ पर सिलेंडर टाँग लिया और सीढ़ियों से चुपके-चुपके छत पर पहुँच गई। फिर धीरे-धीरे आँगन की छत से किनारे तक पहुँच गई और गैस का छिड़काव करना शुरू कर दी।
अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न
I. स्कूल में छात्राएँ अनुशासन के साथ रहती थीं। आवश्यकता पड़ने पर लड़कियाँ अपनी रक्षा आप कर सकें, इसके लए उन्हें जूडो-कराटे भी सिखाए जाते। लड़कियाँ बहुत ध्यान से जूड़ो कराटे सीखतीं। स्वाति को जूडो-कराटे सीखने में बहुत आनंद आता। कुछ दिन के अभ्यास से वह जूडो-कराटे की अच्छी खिलाड़ी बन गई। छात्रावास में प्रतिदिन सोने से पहले छात्राएँ सभा-भवन में इकट्ठी होकर गायत्री मंत्र का पाठ करतीं। इसके बाद उन्हें निडर और साहसी बनने की शिक्षा दी जाती।
(क) लड़कियाँ स्कूल में कैसे रहती थीं?
उत्तर :
लड़कियाँ स्कूल में अनुशासन के साथ रहती थीं।
(ख) स्कूल में लड़कियों को क्या सिखाया जाता था?
उत्तर :
स्कूल में लड़कियों को जूडो कराटे सिखाया जाता था।
(ग) स्वाति किस खेल की अच्छी खिलाड़ी थी?
उत्तर :
स्वाति जूडो कराटे की अच्छी खिलाड़ी थी।
(घ) छात्रावास में सोने से पहले लड़कियाँ किस मंत्र का पाठ करती थीं?
उत्तर :
छात्रावास में सोने से पहले लड़कियाँ गायत्री मंत्र का पाठ करती थीं।
(ङ) निडर और साहसी बनने की शिक्षा किसे दी जाती थी?
उत्तर :
निडर और साहसी बनने की शिक्षा लड़कियों को दी जाती थी।
II. स्वाति को उसके घर के आँगन में कुछ आहटें सुनाई दीं। उसे संकट का आभास हुआ। वह घबराई लेकिन उसने साहस नहीं छोड़ा। वह संकट से बचाव का रास्ता सोचने लगी। उसकी दृष्टि एक कोने में रखे गैस के सिलेंडर पर टिक गई। उसमें खेतों में छिड़काव करने वाली विषैली गैस भरी थी। उसने दिन में ही अपने पिता से इसके छिड़काव के विषय में पूछा था। उसके पिता ने विधि बताते हुए कहा था-वायुमंडल में इसकी मात्रा बढ़ने से, उसमें साँस लेने वाला व्यक्ति मरेगा नहीं तो बेहोश अवश्य हो जाएगा। उसे गैस के छिड़काव में बचने का रास्ता दिखाई दिया।
(क) स्वाति को आँगन में क्या सुनाई दी?
उत्तर :
स्वाति को आँगन में कुछ आहटें सुनाई दी।
(ख) उसे किस चीज़ का आभास हुआ?
उत्तर :
उसे संकट का आभास हुआ।
(ग) सिलेंडर में क्या भरा था?
उत्तर :
सिलेंडर में विषैली गैस भरी थी।
(घ) स्वाति को छिड़काव के विषय में किसने बताया था?
उत्तर :
स्वाति को छिड़काव के विषय में उसके पिताजी ने बताया था।
(ङ) यह गद्यांश किस पाठ से लिया गया है?
उत्तर :
यह गद्यांश ‘एक थी स्वाति’ पाठ से लिया गया है।
III. स्वाति ने छत पर ‘बचाओ-बचाओ’ पुकारना शुरू कर दिया। आस-पास के घरों के व्यक्ति लाठियाँ लेकर स्वाति के घर के आँगन में पहुँच गए। उन्होंने आँगन में पड़े दोनों चोरों को रस्सी से लपेटकर पेड़ से बाँध दिया। पुलिस को बुलाया गया। पुलिस चोरों को पकड़कर ले गई।
(क) छत पर ‘बचाओ-बचाओ’ किसने पुकारना शुरू किया?
उत्तर :
छत पर ‘बचाओ-बचाओ’ स्वाति ने पुकारना शुरू किया।
(ख) आस-पास के लोग क्या लेकर स्वाति के घर पहुँचे?
उत्तर :
आस-पास के लोग रस्सी और लाठियाँ लेकर स्वाति के घर पहुँचे।
(ग) लोगों ने चोरों को किससे बाँध दिया?
उत्तर :
लोगों ने चोरों को पेड़ से बाँध दिया।
(घ) किसको बुलाया गया?
उत्तर :
पुलिस को बुलाया गया।
(ङ) चोरों को कौन पकड़कर ले गया?
उत्तर :
चोरों को पुलिस पकड़कर ले गई।
IV. स्वाति ने अपनी सूझ-बूझ से घर को चोरों से बचाया और उन्हें पकड़वा दिया। यह समाचार पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुआ। जब अवकाश के बाद वह स्कूल गई तो पहले ही दिन मंच पर बुलाकर उसे पुरस्कार दिया गया। उसने पुरस्कार लेते हुए कहा-“”यह पुरस्कार निडर और साहसी बनने की शिक्षा का फल है।”
(क) स्वाति ने चोरों को कैसे पकड़वाया?
उत्तर :
स्वाति ने चोरों को अपनी सूझ-बूझ से पकड़वाया।
(ख) यह समाचार किसमें प्रकाशित हुआ?
उत्तर :
यह समाचार पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुआ।
(ग) पुरस्कार देने के लिए स्वाति को कहाँ बुलाया गया?
उत्तर :
पुरस्कार देने के लिए स्वाति को मंच पर बुलाया गया।
(घ) वह स्कूल गई तो पहले ही दिन मंच पर बुलाकर उसे पुरस्कार दिया गया। इस वाक्य में ‘उसे’ शब्द किसके लिए आया है?
उत्तर :
इस वाक्य में ‘उसे’ शब्द स्वाति के लिए आया है।
(ङ) स्वाति ने पुरस्कार लेते हुए क्या कहा?
उत्तर :
स्वाति ने पुरस्कार लेते हुए कहा, “यह पुरस्कार निडर और साहसी बनने की शिक्षा का फल है।”
शब्दार्थः
- छात्रावास – विद्यार्थियों के रहने का स्थान
- आत्मविश्वास – अपने आप पर भरोसा
- अवकाश – छुट्टी
- आहटें – पैरों की खटक
- आभास – संकेत
- दृष्टि – नज़र
- विषैली – जहरीला
- विधि – तरीका
- सुरक्षा – बचाव
- प्रभाव – असर
- सूझ – बूझ – समझदारी
- पुरस्कार – इनाम
- निडर – साहस
- साहसी – हिम्मती।
एक थी स्वाति-सारांश : Summary
पाठ-परिचय :
‘एक थी स्वाति’ नामक पाठ में एक ऐसी लड़की का वर्णन है जो अपनी सूझ-बूझ के बल पर अपने घर में चोरी होने से बचाती है तथा चोरों को पकड़वाती है। उसके इस बहादुरी के लिए उसे स्कूल में पुरस्कृत किया जाता है।
पाठ का सारांश :
स्वाति पढ़ाई-लिखाई में बहुत अच्छी लड़की थी। वह गाँव के स्कूल से आठवीं कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर नवीं कक्षा में पढ़ाई करने शहर के स्कूल में गई थी। वहाँ पर वह छात्रावास में रहती थी। स्कूल में सभी छात्राएँ अनुशासन में रहती थीं। लड़कियाँ अपनी रक्षा स्वयं कर सकें इसके लिए स्कूल में जूडो-कराटे भी सिखाए जाते थे। स्वाति कुछ ही दिनों में जूडो-कराटे की अच्छी खिलाड़ी बन गई। छात्रावास में उसे प्रतिदिन गायत्री मंत्र का पाठ-सिखाया जाता और निडर और साहसी बनने की शिक्षा भी दी जाती थी। धीरे-धीरे स्वाति के अंदर काफी आत्मविश्वास भर गया।
एक बार स्वाति दशहरे की छुट्टी में घर गई थी। उसके मम्मी-पापा तथा छोटे भाई-बहन शादी में गए थे। वह घर में अपनी दादा-दादी के साथ थी। आधी रात में उसे घर के आँगन में कुछ आहटें सुनाई दीं। पहले तो वह घबराई लेकिन उसने साहस नहीं छोड़ा। उसके घर पर खेतों में छिड़काव करने हेतु विषैली गैस से भरा एक सिलेंडर था। उसके पिता ने उसके उपयोग की विधि बताते हुए कहा था-वायुमंडल में इसकी मात्रा बढ़ने से उसमें साँस लेने वाला व्यक्ति मरेगा तो नहीं लेकिन बेहोश अवश्य हो जाएगा। उसने अपने मुँह पर मुखौटा पहनकर पीठ पर सिलेंडर टाँग लिया और धीरे-धीरे आँगन की छत से किनारे तक पहुँचकर चोरों पर गैस का छिड़काव करना शुरू किया।
चोरों पर गैस का प्रभाव होने लगा। खाँसते-खाँसते बेहोश होकर दो चोर आँगन में गिर पड़े और दो लड़खड़ाते हुए भाग गए। तब स्वाति ने छत पर जाकर ‘बचाओ-बचाओ’ पुकारना शुरू किया। पड़ोसी लाठियाँ लेकर स्वाति के आँगन में आया और दो चोरों को रस्सी के सहारे पेड़ से बाँध कर पुलिस के हवाले कर दिया। इस प्रकार स्वाति ने अपनी सूझ-बूझ से चोरों को पकड़वाया और अपने घर में चोरी होने से बचाया। उसके बहादुरी का समाचार जब पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुआ तब स्कूल में उसे पुरस्कृत किया गया। स्वाति ने पुरस्कार लेते हुए कहा-“यह पुरस्कार निडर और साहसी बनने की शिक्षा का फल है।”
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