कोयल माधुरी Q/A
बातचीत के लिए
कोयल हमें मीठी वाणी बोलने का संदेश देती है।
कबीरदास जी ने भी कहा है-
ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय।
औरन को सीतल करै, आपहु सीतल होय।।
आप भी मीठी वाणी से संबंधित कोई कविता या दोहा सुनाइए।
दोहा 1
मीठी वाणी बोलिए, दिल को दे आराम।
कड़वे बोल जलन बढ़ाएँ, टूटे सारे काम॥
दोहा 2
शब्द हमारे फूल हैं, रखना बड़ा संभाल।
मीठे बोलों से बने, हर रिश्ता खुशहाल॥
लघु कविता
मीठी बोली शहद-सी, मन में घोले प्यार,
जैसे ठंडी छाँव दे, तपता हर इक द्वार।
न बोलो कुछ ऐसा जो, दिल को पहुँचे चोट,
सज्जन वही कहलाए, जिसकी वाणी मीठी हो रोज़॥
कक्षा में मीठी वाणी बोलने की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।
कक्षा में मीठी वाणी (मधुर भाषा) बोलना बहुत आवश्यक है, क्योंकि इससे पढ़ाई-लिखाई का वातावरण सुखद और सहयोगी बनता है। जब बच्चे आपस में विनम्र शब्दों का प्रयोग करते हैं तो झगड़े, रूठना-मानना और गलतफहमियाँ कम होती हैं। मीठी वाणी से शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच विश्वास बढ़ता है और हर बच्चा अपने विचार खुलकर व्यक्त कर पाता है।
मधुर भाषा सुनकर सामने वाले को सम्मान और अपनापन महसूस होता है, जिससे मित्रता मजबूत होती है। कक्षा में यदि कोई गलती भी कर दे, तो प्यार-भरे शब्द उसे सुधारने के लिए प्रेरित करते हैं, न कि डराते हैं। अच्छी भाषा बोलने से हमारा व्यक्तित्व भी निखरता है और हम अच्छे संस्कारों वाले विद्यार्थी कहलाते हैं।
इसलिए कक्षा में हमेशा विनम्र, शिष्ट और मीठी वाणी का प्रयोग करना चाहिए, ताकि सबके लिए कक्षा एक सुखद और सीखने-योग्य स्थान बने।
आपकी कल्पना
अगर आप कोयल होते/होतीं तो क्या-क्या करते? सोचकर बताइए।
अगर मैं कोयल होता/होती, तो पेड़ों की हरी-भरी डालियों पर बैठकर मीठी–मीठी कूक-कूक करता/करती।
सुबह की ठंडी हवा में सभी को जगाता/जगाती और बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाता/लाती। आम के पेड़ों की
छाँव में छिपकर गाना गाता/गाती और अपने दोस्तों के साथ उड़ान भरता/भरती। दूर-दूर तक घूमकर प्रकृति की
सुंदरता का आनंद लेता/लेती और सबको खुशी बाँटता/बाँटती।
आपकी बात
कोयल ने अपनी माँ से बहुत कुछ सीखा है। अब आप लिखिए कि आपने अपनी माँ से क्या-क्या सीखा है?
उत्तर :
हमने अपनी माँ से अच्छे गुण, अच्छे व्यवहार, ईमानदारी और कर्त्तव्यनिष्ठा सीखी है।
भाषा की बात
1. नीचे लिखे शब्दों की जगह और कौन-सा शब्द इस्तेमाल हो सकता है?
खाली जगह में लिखिए-
(क) धरती – ___________
(ख) पानी – ___________
(ग) मेघ – ___________
(घ) माँ – ___________
उत्तर :
(क) धरती – धरा
(ख) पानी – जल
(ग) मेघ – बादल
(घ) माँ – जननी
2. इसे पढ़िए-
देखो कोयल काली है पर
मीठी इसकी बोली है।
ऊपर लिखी कविता की दूसरी पंक्ति में ‘कोयल’ की जगह ‘इसकी’ शब्द आया है। हम अकसर एक ही शब्द को दोहराने की बजाय उसकी जगह किसी दूसरे शब्द का इस्तेमाल करते हैं। ‘मै’, ‘तुम’, ‘इस’ भी ऐसे ही शब्द हैं। कविता में कोयल की जगह पर आए ऐसे पाँच शब्द छाँट कर लिखिए-
(क) ____________
(ख) ____________
(ग) ____________
(घ) ____________
(ङ) ____________
उत्तर :
(क) इसकी
(ख) अपनी
(ग) तुमको
(घ) तुम्हें
(ङ) तुमने
प्रश्न 3.
कविता में आई कोयल की कोई तीन विशेषताएँ लिखिए-
(क) ____________
(ख) ____________
(ग) ____________
उत्तर-
(क) कोयल काली है।
(ख) कोयल की बोली मीठी है।
(ग) कोयल ने यह मिठास अपनी माँ से पाई है।
जीवन मूल्य
प्रश्न 1.
कोयल काली है मगर उसकी बोली बहुत मीठी है। हमारे लिए किसका महत्त्व होना चाहिए-रंग का या व्यवहार का।
उत्तर :
हमारे लिए व्यवहार का महत्त्व होना चाहिए।
प्रश्न 2.
जिन बच्चों में किसी प्रकार की विकलांगता है, उनके प्रति हमारा व्यवहार किस प्रकार का होना चाहिए?
उत्तर :
जिन बच्चों में किसी प्रकार की विकलांगता है, उनके प्रति हमारा व्यवहार हमेशा स्नेहपूर्ण, सम्मानजनक और सहयोग का होना चाहिए।
कुछ करने के लिए
कोयल की तरह आपको कुछ अन्य पक्षी भी अच्छे लगते होंगे। उन पक्षियों के चित्र बनाइए या चिपकाइए और उनके नाम भी लिखिए।
उत्तर :
छात्र/छात्राएँ स्वयं करें।
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